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Saturday, 27 May 2017

147 देखा उनका प्यार जताना ( Dekha unka Pyar jatana.)

देखा मैंने उनका प्यार जताना।
हकीकत  हो गई आज फ़साना।।
जान लिया उनका यूं मुस्कुराना।
देखा मैंने उनका दामन छुड़ाना।।
पलकों पर उनको बिठाना भी देखा था।
आज वही हो गया दिल का जलाना।।
आज भी आए वह हमारे पास।
आग लगा क्या उनका प्यार जताना।।
हमें वो आकर पुकारते रहे।
हमने भी कर दिखाया जो था ठाना।
नहीं बोले हम उनसे एक बार भी।
छोड़ दिया हमने अब उनको बुलाना।
हमने देख लिया जमाना।
किस तरह ठोकरें लगती हैं।।
अपने प्यार करने वालों से।
जान गए हम आज का जमाना।।
देखा मैंने उनका प्यार जताना।।।
147 8 Jan 1990
Dekha maine unka Pyar jatana.
Haqeeqat Ho Gayi Aaj phsanna.
Jaan liya unka Yun Muskurana.
Dekha Mene Unka Daman Chudana.
Palkon pe UmKa Bhithana Bhi Dekha Tha.
Aaj Wohi Ho Gaya Dil Ka Jalana.
Aaj Bhi wo Aaye Hamare Paas.
Aag Laga gya unka Pyar jatana.
Hame wo Aakar pukarte Rahe.
Humne bhi kar dikhaya jo tha thana.
Nahi Bole Hum unse ek baar bhi.
Chod Diya Humne Un Ko Bulana.
Hum ne dekh liya Zamana .
kiss Tarhe thokare Lagti Hain.
 Apne Pyar Karne Walon se.
Jaan Gaye Hum Aaj Ka Zamana.
Dekha maine Unka Pyar jatana.

Friday, 26 May 2017

132 तड़प (Tadap)

आँँसू जो बहते हैं मेरे वो तेरी ही देन हैं।
तेरे ही दम से हमारी गम भरी रैन है।
दिन को तेरी याद सताती है।
एक तो नींद नहीं आती है।
जो आती है तो,
रातों को तू सपनों में आती है।
तड़पाती है।
मेरे दिल को जलाती है।
क्या मिलता है ,मुझे यूं तड़पा के तुझे।
क्यों देती है दुख तू मुझे।
कोई यह पूछे तुझे।
क्यों तड़पा रही है मुझे।
क्या मैंने तुझसे प्यार किया,
यही मेरी खता है।
तड़प रहा हूं तुम्हारे लिए,
यही क्या कम मेरी सजा़ है।
अब और क्या चाहती है तू।
क्यों याद आती है तू।
जाना चाहता हूं तुझसे दूर, मगर,
कैसे जाऊं इन यादों से ,इस दिल से, दूर।

132 16 Dec 1989
Aansu Jo baite hai mere vo Teri hi Den Hain.
Tere Hi Dum Se Hamare Gum bhari rain hai.
Dil Ko Teri Yaad Satati Hai.
Ek toh neend nahi aati hai.
Jo Aati Hai To Raaton Ko Tu ,
Sapno Mein Aati Hai.
Tadpati hai.
Mere Dil Ko jalati Hai.
Kya Milta Hai Mujhe youn Tadpa Ke Tujhe.
Kyun Deti Hai Dukh tu mujhe.
Koi Ye Puche Tujhe.
Kyun tadapa rahe hai mujhe.
Kya Maine Tujhse Pyar Kiya
Yeh hai meri khata hai
Tadap Raha Hoon Tumhare Liye.
Yehi Kya Kam , Meri Saza Hai.
Ab aur kya chahti hai tu.
Kyun Yaad Aati Hai Tu.
Jana Chahta Hoon Tujhse Dur Magar,
Kaise Jaun in Yaadon Se Is Dil Se Dur.

Thursday, 25 May 2017

286 क्यों उठता है दर्द (Kyun Hota Hai Dard)

क्यों उठता है दर्द उसके लिए,
जिस से कोई रिश्ता ही नहीं।
क्यों तड़पता हूं मैं उसके लिए,
 जो मुझे जानता ही नहीं।
यही सोचता हूं ,कि काश़,
तेरा दिल मुझे जाना पाता।
मगर , तू मुझे जानता ही नहीं।
क्यों ऐसा होता है कि तड़पो जिसके लिए,
 वो तुम्हें पहचानता ही नहीं।
जमाने के  क्या दस्तूर हैं,
सोचता हूं कभी कभी यूं ही ।
नहीं जान पाता हूं उनको,
कैसे जानूं जिनको जानता ही नहीं।
भगवान ही जानता होगा,
कैसे मिलाना है दिलों को ।
और कैसे तड़पाना है।
मगर ,तड़प होती है क्या है,
 ये तो वो जानता ही नहीं।
286 17 ,May 1991
Kyun Hota Hai Dard uske liye,
Jis Se Koi Rishta Hi Nahi.
Qun Tadapta hoon main uske liye
Jo Mujhe Janta hi nahi.
Yahi Sochta Hu ,ki kash,
Tera Dil Mujhe Jaan pata.
Magar, tu toh Janta hi nahi.
Kyun Aisa Hota Hai Ki Tum Tadpo jiske liye,
wo Tumhain pehchanta  hi nahi.
Zamane Ke Kya Kasoor Hain,
Sochta Hu kabhi kabhi yun hi.
Nahi Jaan pata Unko.
Kaise Jaanu jinko Janta hi nahi.
Bhagwan Hi Janta hoga
Kaise Milana Hai Dilon Ko.
 aur kaise Tafpana Hai ,
Magar, hoti hai kya,
 yeh toh vo Janta hi nahi.

Wednesday, 24 May 2017

225 हम लुट गए (Hum Lut Gaye )

हम लुट गए और तुझे खबर भी ना हुई।
लूटने वाला ही नहीं जानता तो दूसरों को क्या पड़ी।।
आग लगा दी मेरे दिल में उन्होंने।
फिर रुख इधर उनका ना हुआ ,तो आंखों में लगा दी झड़ी।।
आंसू और अंगारे बरसते रहे आंखों से और तन से।
उन पर कुछ असर भी ना हुआ इधर देह राख हो चली।।
उनके मुख पर मुस्कुराहटें थी सबके लिए।
बस हमसे ही उन्होंने क्यों की दिल्लगी।।
आजाद क्यों वो घूमते रहे मस्त हो कर।
क्यों ना लगी उन्हें भी प्यार की हथकड़ी।।
225 17 Oct 1990


 Hum Lut Gaye aur Tujhe Khabar Bhi Na Hui,
Lootne wala he nahi Janta to dusron ko kya Padi.i
Aag Laga Di Mere Dil Mein unhone
Phir Rukh Idher UnKa Na hua to aankon ne laga Di Jhdi.
Aansoo Aur Angaare BarasTe Rahei Aankhon Se Aur Tan Se.
un par Kuch Asar Bhi Na Hua idhar Deh Raakh Ho Chali.
 UnKe Mukh par Muskurahatain thi Sab ke liye,
Bus Humse Hi UNhone Kyun ki Yun Dillagi.
Azad Kyun vo GHoomte Rhe Mast ho kar,
Kyun Na Lagi Unhain bhi Pyaar Ki hathKadi

Monday, 22 May 2017

285 इतना हूँ तड़पा (tna Hun Tadpa)

इतना हूँ तड़पा कि,
अब तड़प का अंश भी बाकी नहीं रहा।
काश तुम पर भी इसका कुछ असर होता।
अब तो दिल ने धड़कना ही छोड़ दिया ।
क्योंकि अब कोई एहसास ही बाकी नहीं रहा।
तड़प मेरी आज उस मुकाम तक पहुंची है।
कि अब कोई मुकाम ही बाकी नहीं रहा।
तड़प ने तो मोहब्बत को भी दबा दिया मेरी।
अब तो शायद
मोहब्बत का साथ भी बाकी नहीं रहा।
285 12 May 1991
Itna Hun Tadpa,
 ki Ab Tadap Ke Ansh bhi Baki nahi raha.
Kaash Tum Par bhi iska Kuch Asr Ho jata
Ab Toh Dil Ne Tadapna hi Chod Diya .
Kyunki ab to Ehsaas Hi Baki nahi raha .
Tadap Meri Aaj Us Mukkam tak pahuchi hai.
Ki Ab Koi Mukam Hi Baki nahi raha.
Tadap ne do Mohabbat Ko Bhi daba Diya Meri,
Aap toh Shayad,
Mohabbat Ka Saath bhe baaki nahi Raha.

Sunday, 21 May 2017

128 छुप गए हैं नजरों से (Chup gae Hai n Nazron Se.)

नज़र आते नहीं हैं वो,
छुप गए हैं नजरों से।
पास मत आओ पर ये तो बताओ,
कैसे छुपोगे  दिल से।
पास तुम नहीं आते,
 फिर भी हम जान लेते हैं।
दिल में तुम्हारे क्या है,
पहचान लेते हैं।
क्योंकि जो भी तुम सोचो,
दिल महसूस तो करेगा ही जो यहां है।
वो वहाँ हैं,दिल यहाँ है।
जब दिल यहाँ है,तो तुम वहाँ कैसे हो।
तब तो तुम ऐसे हो,
जैसे जिस्म से जान अलग हो।
और जान तुम्हारी हम हैं।
जो हरदम तुम्हारे साथ है।
चाहे तुम जहां हो।
तुम वहां हो,
या हम यहाँ हो।
128 13 Dec 1989
Nazar Aate Nahi Hain Woh,
Chup gae Hai n Nazron Se.
Paas Mat aao par Ye to batao,
kaise Chupo Gay Dil Se.
Pass Tum nahi aate ,
Phir Bhi Hum Jaan Lete Haini,
Dil mein tumhare kya hai,
Ye Pehchaan Lete Hain.
Kyon Ki Jo Tum Socho,
 Dil Mehsoos To Karega hi.
Jo Ki Yahan Hai.
Woh Wahan Hai,n,
 Delhi yahan hai.
Jab dil yahan hai
toh tum Vahan kaise ho.
Tab toh tum aise Ho.
Jaise Jism se jaan alag Ho.
Or Jaam Tumari hum hain
Jo  hardum tumhare saath hai.
Chahe Tum Jahan Ho.
Tum vahan ho ,
Ya Hum Yahan Ho.

Saturday, 20 May 2017

126 सारे गम मुझे ही क्यों (Saare Gum Muje Hi Kyon)

गम ही क्यों मिलते हैं मुझे।
हर कोई मुझे ही क्यूँ दुःख देता है।
क्या कहूं ऐ दिल मैं तुझे,
हर कोई तुझे ही सदा सजा़ देता है।


कसूर तो कभी भी नहीं होता हमारा,
फिर भी सजा हमें ही मिलती है।
किसी से कोई लेना देना नहीं हमारा,
फिर भी सब कहते हैं हमारी ही गलती है।

हम भी दिखा देंगे इनको,
क्या होता है भ्रष्टाचार।
बिन कुछ किए सजा मिलती है जिनको ,
 क्या होता है उनका  हाल।

126 12 Dec 1989

Gum Hi Kyun milte hain mujhe
Har Koi Mujhe Hi Kyun Dukh deta hai.
Kya Kahoon e Dil Mein Tujhe
Har Koi Tujhe he Sada Saja deta hai.

Kasoor to kabhi bhi nahi hota Hamara,
Fir bhi saja Hamein hi milti hai.
Kisi Se Koi Lena Dena nahi Hamara,
Phir bhi sab kehte hain Hamari hi Galti Hai.

Hum Bhi Dikha Denge in ko,
Kya hota hai Bhrashtachar.
Bin kuch KiYe Saja milti hai jinko,
Kya hota hai Unka haal.