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Tuesday, 31 January 2017

211 जफ़ा (बेवफाई) ए य़ार {jfaa (bewfai)e yaar}

ना जाने क्या सोचकर वह करते रहे जफा़ पे जफा़ ।
वो करते रहे सि्तम पर सि्तम ,
हम उन्हें करते हैं प्यार पे प्यार जिस तरह ।
हम उनके साथ चलते रहे कि वह कहीं गिर ना पड़े ,
ठोकर वो लगाते रहे हमें हर जगह ।
दिल न दुखाया हमने उनका कभी ,
दिल पर जख्म बनाती रही उनकी हर अदा।
 गैरों को उन्होंने प्यार दिया दिलो जान से,
 जितना ज्यादा होते रहे हम उन पर फिदा।
न जाने क्या सोच कर करते रहे हम वफा़ पे वफा़।
18 Sept 1990  211
Na Jane Kya Soch kar Karte rhe ka pe jaa.
 Vo krte Rahe sitam pe sitam,
Hum unhe Karte  Rahe Pyar pe Pyar jis Tarah .
Hum unKe Sath Chalte Rahe ke veh kahi. Gir na Pade ,
Thoker vo Lagte rahe Hum e her jgah.
Dil Na dukhaye Humne unka Kabhi ,
Dil Pe zakham banati rahi un ki her adaa.
gairon Ko unho Ne Pyar Diya Dilo Jaan Se ,
Jitna Jyada Hote Rahe Hum un per Fida .
Na Jane Kya Soch kar karte Rahe Hum wfa pe wafa

Monday, 30 January 2017

209 जवाब ए खत (Jwab e khat))

समझ में नहीं आता क्या लिखें तुम्हें हम ,
जवाब देते तुम्हें जो कुछ पूछते तुम ।
हाल ही पूछा है खत में सिर्फ तुम ने ,
दिल का हाल बताते ,वह तो ले गये हो तुम ।
यहां एक माटी की मूरत है या फूल ,
जो मुरझा रहा है बनने लगा है धूल का फूल।
 कुछ तो सोच लिया करो हमारे लिए भी,
जो दे तो तुम दिल अपना, तो बन जाए कुछ हमारा भी ।
जी लें हम भी तुम्हारी धड़कन के साथ ,
यूं तो ना कटे तारे गिन गिन के रात।
209 18 Sept 1990
Samajh mein nahi aata kya likhe Tumhe Hum ,
jawab Dete tumein Jo kuch poochte Tum.
 haal hi Poocha Hai Khat Mein Sirf Tum Ne ,
Dil Ka Haal Batate,vo to le gae Ho Tum .
Yahan ek maati  Ki Murat Hai ,Ya Phool ,
Jo Murjha raha hai banne Laga Hai Dhool Ka Phool .
kuch Tu Soch Liya Karo Hamare liye bhi,
 jo de do Tum Dil Apna to ban jay e kuch Hamara Bhi .
Jee Len Hum Tumhari dharkan ke sath.
 yun Tu  Na Kate Tare Gin Gin Ke raat.

Saturday, 28 January 2017

173 किस्मत ( kismat)

किस्मत ना दे साथ तो कोशिशें भी नाकामयाब हो जाती हैं ।
किस्मत जो तेरे साथ तो नाकामयाबी भी कामयाबी में बदल जाती है ।
हम तो हारे हुए खिलाड़ी है यही कहेंगे ,
जो जीतेंगे वही तो दुनिया की नज़रों में रहेंगे।
हम ने भी लाख कोशिश की जीतने की ,
मगर ,जब बाजी ही हमारी ना थी तो जीतते कैसे ।
बाज़ी पे जिनका नाम लिखा है जीतेंगे वही,
 चाहे चाल उन्होंने चली हो ,मर्जी जैसे।।
16March 1990 173

Kismat na de saath to koshishen nakamYab Ho Jati Hai ,
Kismat Jo De Saath To Nakamyabi be kamyabi Mein Badal Jaatee Hai.
 Hum To Haare hue Khiladi Hai yahi Kahin gay ,
Jo J eetenge vahi To duniya ki nazron mein Rahenge.
Humne Lakh koshish ki jitne ki,
 Magar jab baazi hi humari  Na Thi To Jeette Kaise .
ba adi pe Jinka Naam likha Hain jitenge  bhi vahi,
Chahe chaal unhone chali ho marzi Jaise.

Friday, 27 January 2017

172 धोखा (Dhoka)

धोखा देकर तो उन्होंने बाजी जीत ली हमसे।
 मगर खुदा ने भी देखा उन्हें दगा करते हुए ।
हमसे आगे निकल गए तुम तो क्या हुआ ।
धोखा तुम्हारे साथ भी हो गया दूसरों से आगे निकलते हुए ।
हम जैसे ही नहीं होते हैं सब दुनिया में।
हर तरह के लोग दिखाई देते हैं,
 राह से गुजरते हुए ।
तुमने तो अभी देखा ही क्या है बेवफा ,
चेहरे हमने देखे हैं खिल खिल के उतरते हुए।
अनजान मत बने रहना यह सोच कर ,
कि तुम होशियार हो ,
आसपास देख लेना राह से गुजरते हुए।
172. 13March 1990
Dhoka dekar to uNhone Baazi jeet li humse.,
Magar Khuda Ne Dekha Tumhe Dhokha karte huye .
Humse Aage Nikal Gaye tum to kya hua,
Dhokha tumhare saath Ho Gaya doosron Se aage Nikalte Huye.
 Hum Jaise hi nahi hote hain Sab Duniya Mein ,
Her Tarah Ke Log Dikhai Dete Hain Rah Se gujarte hue.
Tumne abhi Dekha Hi Kya Hai Bewafa ,
chehre Humne Dekhe Hain khil Khil ke utarte hue.
Anjanmat bne rehna yeh soch kr ki tum Hoshiar ho,
Aas paass dekh lena rah se guzarte Hue.

Thursday, 26 January 2017

170 हालात {Haalaat)

170हालात बन के बिगड़ते देर नहीं लगती,
 किसी और को देखकर उनकी नियत बदलते देर नहीं लगती ।
हम ही अकेले हों उनके पास तो बात और है,
कोई और आ जाए जो पास तो उनका रुख़ बदलते देर नहीं लगती ।
हम सोचते थे हम उन्हें और वो हमें बड़ी नजदीक से जानते हैं ,
मगर ,उनकी सोच हमारे लिए बदलते देर नहीं लगती ।
मुश्किल से तो आग बुझती है मेरे सीने की,
 मगर, उन्हें इसे फिर सुलगाते देर नहीं लगती ।
170. 4 march 190
Haalaat bun ke bigdite der Nahi Lagti ,
Kisi Aur ko dekh kar Unki Niyat Badalte der Nahi Lagti .
Hum Hi hon Akele unke Paas toh baat Aur Hai ,
Koi Aur aa Jaaye jo Paas Tuo unka Rookh Badalte der Nahi Lagti .
Hum sochte Hai Hum unhai or wo Hame Badi nazdeek se Jante Hain ,
Magar ,unki soch Hamare liye badlte der nahi lagti.
 Mushkil se to aag bujhti h meri seene ki ,
magar, unhe Phir sulgaate der Nahi Lagti .

Wednesday, 25 January 2017

171 तुम्हारे आने से (Tumhaare Aane Se)

171ना चाहते हुए भी तेरा इंतजार रहता है,
तू आती है तो दिल खिल जाता है,
तू चली जाती है तो दिल बड़ा बेकरार रहता है ।

आस होती है मिलन की मेरे दिल में ,
सोचता हूं उस से वफा की बातें करूंगा ,
मगर, तुम्हारे रास्ते में अंधकार दिखाई देता है।

चाहता हूं तुम्हें निकाल लाऊँ उस भंवर से ,
मिल कर रहे हम , हमसफ़र बनके ,
मगर मुझे अपना लक्ष्य बीच मझध।र दिखाई देता है ।

ले जाऊंगा कभी तो मैं तुम्हें वहां से,
दिखाऊंगा अपनी मोहब्बत का नतीजा़़ ,
दिखाऊंगा मैं तुम्हें वह दुनिया जहां प्यार ही प्यार दिखाई देता है।
171.  March 1990
Na chahte hue bhi Tera Intezar rehta hai ,
tu Aati Hai To Dil Khil Jaata Hai,
 Tu Chali Jati Hai To Dil bda Bekarar rehta hai .

Aas Hoti Hai Milan ki  mere dil mein,
Sochta Hoon usSe Wafa ki baatAin karunga ,
Maga r Tumhare Raste Mein andhkaar Dikhai Deta Hai.

Chahta hun  Tumhein nikal laaun us bhanwar  se ,
mil kar rahe hum Humsafar ban k,
Magar, mujhe apna lakshay beech majedaar dikhai deta hai .

Le jaaunga kabhi to mAin  tumhe wahan se,
Dikhaunga apni Mohabbat ka nateeja,
Dikhaunga main  Tumhe vo duniya jahan Pyar he Pyar dikhai deta Hai.

Tuesday, 24 January 2017

150 मैं रोऊँ तो क्या है ,
मेरा दिल रोए तो क्या ।
चाहत मेरी रोए तो क्या है ,
तुझे कोई ओर चाहे तो क्या ।
तुमने ना जाना मेरा गम ,
जमाना ना जाने तो क्या ।
जख्म तू देती रही मुझे ,
ठेस जमाना लगाए भी तो क्या ।
आ जा... मैं बुलाता रहा तुझे ,
तू आए ,..ना आए तो क्या ।
कांटे चुभे मेरे तन में ,
तू मरहम ना लगाए तो क्या ।
आग लगी मेरे मन में ,
तू आ के न बुझाए तो क्या ।
अब तो खाक ही बाकी है ,
तू गंगा में इसे न बाहये भी तो क्या।
11jan 1990 ,. 150
Main roun toh kya ,
mera dil roye to kya .
Chahat meri roi Toh Kya hai.
Tuje Koi Aur Chahe to kya .
Tune Na Jana Mera Gum ,
Zamana Na Jane To Kya .
Jkhum tu deti rahi Mujhe ,
Thes jamana lgae b to kya.
Aa jaa...Mein Bulata raha Tujhe,
 Tu Aaye ...Na Aaye To Kya .
Kaante chubhe Mere Tan Mein,
Tu marham Na Lagae tuo kya .
Aag Lag i Mere Man me ,
Tu aa k na bhujaye  to Kya.
 ab toh khak hi baki hai ,
Tu na Ganga Mein ise bhaye Bhi To Kya.

Monday, 23 January 2017

148 जख्म ए इश्क (Kalam e Ishq)

राह में हमको छोड़कर वह चल दिए ,
आगे जो साथी मिला संग उसके हो लिए।
 हमने पुकारा उनको आवाज दे देके,
वो तो अपनी ही धुन में खो लिए ।
हमने भी हौसला किया और अकेले ही चल पड़े ,
हम क्यों उनके गम में राहों पर रहे खड़े ।
यूं किसी के गम में जिंदगी बर्बाद क्यूं करें ,
जिएगा तो वही जो जिंदगी के लिए लड़े ।
भूल जाना चाहता हूं वह सनम हरजाई ,
याद करने से कुछ हासिल ना होगा ,
भूल जाऊँ उन्हें ,इसी में है भलाई।
10June 1990.  148
Raah Mein HumKo Chod Kar vo Chal Diye ,
aage Jo sathi Mila sung Uske ho liye .
Hum Ne Pukara un Ko Awaz De de K,
Vo Toh Apni Hi Dhun Mein Kho liye .
Humne Bhi honsla Kiya or akele he chal Pade ,
Hum Kyun unke gum Mein Rahon me rahe Khade.
Yun Kisi Ki Dhun Mein Zindagi Barbaad kyun karen.
Jiyega tuo vhi jo zindagi ke liye Lade.
Bhool Jana Chahta Hoon Sanam Harjai ,
Yaad Karne Se Kuch Hasil Na Hoga ,
Bhool Jaaon isi mein hai Bhilai

Sunday, 22 January 2017

104 हाल ए गम ( Haal e gum)

जिंदगी क्या सुनाएं हाल ए गम ,
अब तो तुमसे दूर हो गए हैं हम ।
तू तो करती रही स्तिम पर स्तिम ,
वह तो हम ही थे ,
जो हंस हंस के सहते रहे ।

हम से दूर-दूर रहते रहे तुम ,
हम भी बैठे रहे यूं ही गुमसुम ।
पर तुमने ना जाना हमारा ग़म ,
वह तो हम ही थे ,जो सुनते रहे ,
वह जो तुम कहते रहे ।

ऐसे ऐसे किए तुमने हम पर स्तिम ,
कोई और होता तो तोड़ देता दम ।
हम सोचते रहे कि कभी तो होंगे यह कम ,
वह तो हम ही थे,
जो जख्म खाकर भी हंसते रहे ।
तुम्हारे संग चलते रहे।
4Oct 1989. 104
Haal E gum
Zindagi Kya sunaye haal e gum ,
Tumse Dur Ho Gaye Hain Hum .
Tu Tuo Karti Rahi Sitam Pe Sitam ,
wo tou hum he the,
 jo hans hans ke sehte rhe.

Humse Dur Dur Rehte Rahe Tum,
 Hum Bhi Baithe Rahe Yuhi Gumsum .
Per Tumne Na Jana Hamara gum.
Vo To Hum the jo sunte Rahe ,
wo Jo Tum kehte Rahe .
Aise Aise kiye tum ne Hum Pe Sitam ,
Koi Aur Hota To tod deta dum .
Hum sochte Rahi ke Kabhi Toh Honge Ye come ,
Vo tou Hum he The,
Jo jakham kha kr bhi hanste rhe,
 Tumhare sung chalte rhe.

Saturday, 21 January 2017

275 अंजाम ए इशक (Anjaam e Ishq)

यूं ही घुटते रहे मेरे जज्बात ,
नहीं जानते हम क्या होगा इसका अंजाम।
 तमन्ना का जो खून यूंही रोज करते रहे,
 नहीं जानते हम क्या होगा इसका अंजाम।
 आंसू पिए जा रहे हैं यूं ही हम ,
अपनी राह पर चल रहे हो तुम खुश हो कर ,
दे कर हमें गम ।
पुकार मेरी तुम तक पहुंच पाती नहीं ,
जोर हमारा चला नहीं कि ,
बना लें तुम्हें अपना सनम ।
जीते हैं कैसे हम यह तुम नहीं जानते,
 याद में तुम्हारी ही कटता है हर पल ,
तुम्हारी कसम।
 भरोसा ,ना जाने तुम पर क्यों कर बैठे हैं,
 जानते हुए भी ,यह कि कभी ना मिल पाएंगे,
 हमारे कदम से कदम।
13April 1991.  275
Yunhi jo ghut te Rahe Mere Jazbaat ,
Nahi Jante Hum Kya Hoga iska anjaam.
Tamanna ka Jo khoon yunhi roz  Karte Rahe ,
Nahi Jaante Hum Kya Hoga iska Anjaam .
Aansoo Piye Ja Rahe Hain Yun Hi Hum ,
Apni Rahon par Chale Ho khush ho kar ,
de kar hame gum .
Pukar Meri Tum Tak pahunche pati nahi ,
Zor Hamara chala Nahi Ki bna le Tumhe Apna Sanam .
Jeete Hain Kaise Hum Tum Nahi Jante ,
Yaad Mein Tumhari Hi Kat ta Hai Har Pal Tumhari Kasam .
Bharosa Na Jane Tum per kyun kar Baithe Hain ,
Janhte Hue Bhi Ye ki Kabhi Na Payenge Hamare Kadam Se Kadam.
21/01/17

Friday, 20 January 2017

274 जुब़ान ए अश्क (Zubaan e Ashk)

आंखों से बहते आंसू कहते रहे मेरे दिल की जुबान,
 मगर तुम खोए रहे अपनी ही धुन में ,सुनी तुमने इसकी कहाँ।
आंखें पुकारती रही तुम्हें कदम-दर-कदम ,
मगर तुमने पीछे मुड़कर देखा कहां ।
आगे से जो आवाज आई तो तुम रुक गए ,
मगर उस राह पर ठोकर खाई ,चले तुम जहां ।
राह दिखा रही थी यह मेरी आंखें तुम्हें ,
लेकिन ,तुमने इसकी सुनी ही कहां ।
गैरों के कहने पर चलते रहे आगे ही आगे ।
पता चला जब ना मिली मंजिल वहां ।
हम खड़े थे मंजिल पे पाने को तुम को ,
मगर ,तुम अब तक ना पहुंच पाए हो यहां।

13April 1991.  274
Aankhon Se behte Aansu Kehte rahe mere dil ki Zubaan,
 Magar Tum kHoye Rahi apni hi Dhun Mein Sunni Tumne Is Ki Kahan.
Aankhein pukarti Rahi Tumhe Kadam der Kadam ,
Magar Tum Ne Piche Mud K hi DeKha Kahan.
aagye se jo Awaaz aai to tum Ruk gae.
Magar us rah per thokar he khai chale Tum Jahan .
Rah dikha rahi thi Ye Meri Aankhen Tumhe,
 lekin tum ne is ki Suni Kahan.
Gairon ke kehne Pe Chalte Rahe Aage hi Aage .
Pata tab  Chala Jab Na mili manzil wahan.
Hum khde the manzil pe pane ko Tumko .
Magar Tum ab talak Na pahunch paye yahan.

Thursday, 19 January 2017

273इंतहा हो गई है मेरे प्यार की मगर, उसे खबर ही नहीं।
 खोए हुए हैं वह अपनी दुनिया में इस कदर,कि उसे खबर ही नहीं।
हमें गम ने बेकरार है कर दिया ,
जलने लगा है  अब ,गम का दिया ।
इधर भी देख अपनी ही धुन में खोने वाले ,
आंसू बुला रहे हैं ये,तेरे लिए रोने वाले।
दिल की आवाज़ क्या अब तलक तुझ तक पहुंची नहीं ,
दिल की दुनिया क्या आबाद करने की कभी सोची नहीं।
 कर देख एक बार मोहब्बत तू भी ,
दिखा देगी ये रंग अपने, तुझे जिंदगी।
2April 1991. 273
Inteha Ho Gayi Hai Mere pyaar Ki Magar ,
usse kabar Hi nahi .
Khoye hue hain vo apni Duniya Mai Is Kadar ,
Ki usse kabar hi nahi .
Hame gum ne Bekarar kar diya,
 Jhalne Laga Hai ab gum ka diya.
Idhar bhi dekh apni hi Dhun Mein khone wale.
Aansu Bula rahi hai, ye Tere Liye rone Wale.
Dil Ki aawaj Kya ab talak tuj tak pahunchi nahi.
Dil Ki Duniya kya abaad karne ki Kabhi Sochi Nahi .
Kar Dekh Ek Baar Mohabbat to bhi ,
Dikha Degei Ye Rang Apne Tujhe Zindagi.

Wednesday, 18 January 2017

272भोली सूरत तेरी देखकर हम लुट गए,
 दिल को तेरे पहचान ही न पाए।
 सूरत को ही तेरी दिल में उतारा,
 दिल में क्या है यह जान ही ना पाए ।
खुद को बस तुझ में ही बसा दिया ,
तुम किस तरफ जा रहे हो जान ही ना पाए ।
ख़्वाब सजाते रहे तुम्हारे ही बस ,
हमारी आंखों के सपने झूठे होंगे सोच ही पाए ।
तुम तो खो गए किसी और के प्यार में ,
आपकी लगन हम पहचान ही ना पाए ।
एक तरफा प्यार होता है बेकार ,
हम आज तलक जान ही ना पाए ।
तभी तो करके वफा ए मोहब्बत ,एक तरफ़ा ,
हम आज हैं पछताए।
25 March 1991.   272
Bholi Surat Teri Dekh Kar Hum Lut Gaye ,
Dil Ko Teri Pehchan Hai Na Paye .
Surat Ko Hi Teri Dil Mein Utaraa,
Dil Mein Kya Hai Yeh Jaan hi na paye.
Khud Ko Bas Tujh Mein Basa diya ,
Tum kis tarf ja rahe ho Jaan Hi na paye .
Khwab sajate Rahe Tumhare he bas ,
Hamari Aankhon Ke Sapne jhoote Honge soch hi Na paye.
Tum To kHo Gaye Kisi Aur Ke Pyar Mein ,
Aapki Lagane Hum Pehchan Hi Na paye.
 Ik Tarfa Pyar Hota Hai bekar ,
Hum Aaj Talak Jaan Hi Na paye.
Tabhi To Kar Ke wafa e Mohabbat ,Ek tarfa,
Hum Aaj Hain pachtaye.

Tuesday, 17 January 2017

59 दीवानगी (Diwangi)

कैसी दीवानगी है इन लोगों की जिन्हें जी कर ही चैन नहीं
वह मर कर क्या खाक चैन पाएंगे
खुद को तो बर्बाद करेंगे ही ,
दूसरों को भी गम में साथ अपने रुलायेंगे ।
नहीं किसी को जो तुम्हारी दीवानगी कबूल,
तो क्या जबरन ही अपनी बात मनवाएंगे ।
जो इस तरह बात बनाई गई हो ,मुझे नहीं लगता ,
वह इससे जिंदगी सवार पाएंगे ।
खुद को तो क्या खुशी मिलेगी,
 दूसरे की जिंदगी भी नीरस बनाएंगे।
 वह तड़पता होगा शायद किसी और की याद में ,
तुम जैसे यूं ही उन्हें सताएंगे ।
कैसी दीवानगी है इन लोगों की ,
जिन्हें जी कर ही चैन नहीं ,
वह मर कर क्या खाक पाएंगे।
3Aug 1989 59
Deewangi
Kaisi Deewangi hai in logon ki ,
Jeenhe ji kar hei chain nahi,
 wo Mar kar kya khak chain Payenge.
 Khud Ko tou barbaad karenge He,
 dusro Ko Bhi Gham me Sath Apne rulayenge.
 Nahi Kisi ko jo Tumhari Deewangi Qubool ,
toh kya jabran hi apni baat manwayen ge.
 Jo Is Tarah Baat Banaye gayi ho,
 mujhe nahi lagta ,
Woh is se jindgi sanwaar paeynge.
Khud Ko Kya Khushi milegi ,
Doosre Ki Zindagi Bhi Neeras Banayenge .
vo tadpta Hoga Shayad Kisi Aur Ki Yaad Mein.
Tum Jaise yunhi unhen stayenge .
Kaisi Deewangi hai in logo ki Jeenhe jee
Kar hi chain nahi ,
wo Mar kar kya Khak chain payenge.

Monday, 16 January 2017

271 चूड़ियों की जुबान

काश तुम भी समझ पाते इन चूड़ियों की जुबान ।
कर देते अपना सब कुछ इन पर कुर्बान ।
इज़हार जो कर रही हैं ये, समझ पाते।
 तुम भी अपने दिल की बात बताते ।
चूड़ियों ने तो कह दिया सब कुछ ,जो दिल में था।
काश, तुम भी कर देते,
अपनी मोहब्बत का इज़हार ।
इनकी झंकार तो ना जाती बेकार ।
काश, ये तुम्हारा प्यार पाती ,
समझ जो जाते तुम इनकी जुबान ।
कर देते तुम भी हाल ए दिल अपना बयान।
25 March 1991 271
Kaash tum bhi samajh Pate in choodion ki Zubaan .
kar dete Apna Sab Kuch in par Qurban .
Izhaar Jo kar rahi hai yeh ,samaj Pate ,
Tum Bhi apne Dil Ki Baat batate.
 Chudiyan nai Tuo Keh Diya sab kuch Jo Dil Me tha.
 Kash ,Tum bhi kar dete Apni Mohabbat Ka Izhar .
in Ki Jhankar To na Jati bekaar.
Kaash ,Yeh Tumhara Pyar Pati .
samajh ho jate Tum inKi Zubaan .
kar dete tum bhi Haal a Dil Apna Beyaan.

Sunday, 15 January 2017

270 चूड़ियां (Choodiyan) Bangles

कलाई जो सजी तेरी, चूड़ियों से,
मेरे सीने में एक झंकार हुई ।
कोई सुर मेरे कानों से गुजर गया ,
मेरी जिंदगी सुरों का संसार हुई ।
इन्हीं सुरों में खो गया मैं ,
दुनिया मेरी गुलजार हुई।
झनकती हुई चूड़ियों ने कुछ कहा ,
जो इनकी झनक दिल के आर पार हुई ।
इकरार इन्होंने कर दिया मोहब्बत का,
 तभी तो मेरी दुनिया मेरी आबाद हुई।
25march 1991.  270
Kalai  jo sgi Teri, Chudiyan Se,
Mere Seene Mein Jhankar hui.
 Koi Sur mere Kano Se Guzar Gaya,
 Meri Zindagi suron ka Sansar hui.
 inhi suron Mein Kho Gaya Main .
Duniya Meri gulzaar Hue .
Jannakti hui Chudiyan Ne Kuch Kaha.
 Jo inki Jannak Dil Ke aar paar hui.
Ikraar inhonne kr liya Mohabbat Ka.
Tabhi to Duniya Meri aabaad Hui.

Saturday, 14 January 2017

269कभी-कभी बेताबी क्यों बढ़ जाती है इस कदर,
 कि दिल संभाले नहीं संभलता।
 खुद को भी रहती नहीं हमें अपनी खबर,
 दिल में किसी जालिम का प्यार है पलता ।
तड़पने में मुझे रहती नहीं कोई कसर ,
और तड़पाने वाले को इसका पता भी नहीं चलता।
 तन्हाइयों से हमारी रहते वो रहते हैं बेखबर ,
क्या जाने उनका समा कैसे है कटता।
269 24March 1991
Kabhi kabhi betaabi kyun bad jati hai is  kDar .
Ki Dil sambhale nahin sambhalta .
Khud ko bhi rehti  nahi Hame apni Kabar .
Dil Ne Kisi zalim Ka Pyar palta Hai
TadPadhne Mein Mujhe Rehti nahin Koi kAsar.
Or tadPani volon ko iska Pata bhi nahin Chalta .
Tanhaaiyon se Humari Rehte Hain vo beKhabar .
Kya Jaane unka sma kaise hain kat ta

Friday, 13 January 2017

268रोज उठती है तमन्ना ,दबा देते हैं ।
तड़प उठता है दिल ,तो मना लेते हैं ।
कह ना पाए कभी तुम्हें हाल-ए-दिल ,
तभी तो रोज खुद को सजा देते हैं ।
बात तुमसे कभी हो ना पाई,
यूं ही झूठे ख्वाब मुलाकात के, सजा लेते हैं ।
यूं तो दिल तुम बिन लगता नहीं,
देकर झूठी दिलासा मना लेते हैं ।
कभी होगी मुलाकात यह सोच कर,
 दिल को अपने बहला लेते हैं ।
कोई सुनना चाहे हाल ए दिल मेरा ,
तो यूंही अफसाना बना कर सुना देते हैं।
268 10March 1991
Rose uthti Hai Tamanna, dba dete hain,
Tadap utha Hai Dil, Mana Lete Hain.
Keh Na pai Kabhi Tumhein haal e Dil.
Tabhi To Rose khud co sjaa Dete Hain.
Baat tumse kabhi ho Na paie,
Unhi Jhote khaab Mulakat ke sja Lete Hain .
Yun to Dil Tum Bin Lagta Nahi
De Kar jhooti dilasa ise mna lete Hain .
Kabhi Ho Gi Mulakat Ye Soch kar ,
dil ko apni Bahla Lete Hain .
Koi sunna Chahe Haal e dil mera ,
To yunhi Afsana bana kr, suna dete hain.

Thursday, 12 January 2017

289 मिलना बिछड़ना(Milna Bichadna)

 आज किस तरह बैठे हैं हम एक साथ
कल चले जाएंगे हम और कहीं ।
पुकार लेना हमें आवाज़ देकर
मिल जाओ जो राह में तुम कभी।
 बिछड़ जाएंगे हम अब ,लेकिन,
 यादें हमारी रह जाएंगे यहीं बाकी।
 मिलना ना हो ,तब भी याद तो कर लेना ।
याद करना ,जब हम थे एक दूजे के साथी ।
दुनिया की यही रीत है ,मिलना और बिछड़ना।
 राह है ,चलते चलते दो राहों में बंट जाती ।
आगे जो जाकर मिल जाए जो ये राहें,
 तो पहचान लेना ,ना कहना कि हम ना थे साथी ।
शायद मिल जाए आगे किसी मोड़ पर,
हम फिर बन जाएं ,शायद  हम राही।
289 19May1991
Aaj Kis Tarah Baithe Hain Hum Ek Sath
 Kal Chale Jayenge Hum aur kahin.
 Pukar Lena Hamen Aawaz Deke ,
Mil Jao Jo Raah Mein Tum Kabhi .
Bichad Jayenge Hum ab, lekin,
Yaadein Hamari reh Jayenge Kahin Baki .
Milna na ho tab b Yaad to kar lena,
 Yaad karna Jab Hum the  Ek Doosre K sathi.
 Duniya Ki Yahi Reet Hai ,Milna or bichadna.
 rah hai, Chalte Chalte do Rahon main BattJati .
Aage jo ja ke Mil Jaye ye Rahen .
To Pehchan Lena, Na Kehna, ki hum na the Saathi.
 Shayad Mil Jaye aage Kisi Mod Par ,
Hum Phir Ban Jaye Humrahi.

Wednesday, 11 January 2017

241 बहुत बेताब किया है तूने
अब तू भी देख ले बेरुखी क्या होती है ।
हम ही थे खोए अभी तक
 अब तू भी देख ले दिल्लगी क्या होती है ।
तड़पते रहे हम ही तेरे प्यार में
 अब तू ही देख ले जुदाई क्या होती है।
 तुम ने साथ न दिया कभी हमारा राहों में
अब तू भी देख ले तनहाई क्या होती है।
 किस तरह मोहरे बदलते हैं
अब तो जान गये होगे खुदाई क्या होती है।
241 29 Dec 1990
Bahut Betaab Kiya Hai Tune
Ab tu bhi dekh Le
BeRukhi kya hoti hai .
hum hi khoya abhi tak
Ab TU B dekh le
Dillagi kya hoti hai.
 Tadapte Rahe Hum Tere Pyar Mein
Ab Tu bhi  dekh le Judai kya hoti hai .
tumne Saath Na Diya kabhi Hamara Rahon Mai .
Ab tu bhi dekh le
Tanhaai kya hoti hai .
Kis tareh mohre badlte hain
Ab Toh jaan gae hoge
 Khudai  kya hoti hai.

Tuesday, 10 January 2017

48 शादी का तोहफा (Shaadi Ka Tohfa)Gift on Your marriage

तेरी शादी पर क्यों आंसू बहाऊँ में ।
खुशी का मौका है, क्यों अपने साथ सबको रुलाऊँ में ।
कितनी खुशी मिली है तेरे सपने साकार होने जा रहे हैं ।
इस गम को कौन पूछता है, जो तार तार होने जा रहे हैं।
कल तेरी नई दुनिया बसेगी फूलों के आंगन में ।
इधर हम चांद देख रहे होंगे तारों भरे आंचल में ।
आज दुल्हन देखकर तुझे ,सारे अरमानों को दफन कर रहा हूं ।
जो तमन्ना तुझे इस रुप में देखने की थी ,पूरी कर रहा हूं।
हर दुआ आज तक तेरे लिए जो की है फिर एक दुआ कर रहा हूं ।
रहे महलों की रानी बनकर, हरसुख की तेरे लिए कामना कर रहा हूं।

30 June 1989. 48
Shaadi Ka Tohfa
 Teri shaadi pe Kyun Aansu bhaaun Mein.
 Khushi Ka moka Hai ,Kyun Apne Sath Sab Ko rulaun Mai .
Kitni Khushi Mili Hai ,Tere Sapne Sakar Ho Ni Ja Rahe Hain .
Is gum Ko Kaun puchta Hai ,Jo tar tar on a ja rahe hain .
Kal Teri Nayi Duniya Base gi Phoolon Ke Aangan Mein.
 idhar Hum Chand Dekh Rahe Honge Taaron Bhare Aanchal Mein .
Aaj Dulhan Dekh Kar Tujhe, Sare Armano ko dafan kar raha hoon.
Jo tamanna  Tujhe is roop main dekhne ki thi puri kar raha hoon .
Har Dua Aaj Tak Tere Liye Jo Ki Hai ,Phir ek Dua Kar Raha Hoon .
Rahe Mehlon Ki Rani Bankar har sukh ki tere liye kaamNa kar raha hoon.

Monday, 9 January 2017

47 इंतजार (Intzaar)wait

 इंतजार कर रहे हैं तुम्हारा राह में आंखें बिछाए ।
इंतजार कर रहे हैं न जाने कब हमें तकदीर आपस में मिलाएं ।
इंतजार कर रहे हैं कि कब होंगे पूरे जो हमने हैं सपने सजाए ।
इंतजार कर रहे हैं कि ना जाने किस तरह सपने हकीकत बन कर सामने आए।
 इंतजार कर रहे हैं ना जाने कब वक़्त सोए अरमान जगाए।
 इंतजार कर रहे हैं कब हम मिलन के गीत गाए ।
इंतजार कर रहे हैं कब बहारों की कलियां मुस्कुराएं ,गुनगुनाए।
 इंतजार कर रहे हैं कब बहार नया कोई गुल खिलाए ।
इंतजार कर रहे हैं कब भंवरे कलियों पर मंडरायें।
 इंतजार कर रहे हैं कब उनसे मिले और हाल-ए-दिल सुनाएं।
30 June 1989. 47
Intezar kar rahe hai tumhara Raha Mein Aankhen bachaye.
 Intezar kar rahe hain na jane kab Hame takdir aapas mein milae.
 Intezar kar rahe hain ki kab Honge poore Jo Humne Hain Sapne Sajae .
 Intezaar kar rahe hain Ki Na Jane Kis Tarah Sapne Haqeeqat ban kar Samne Aaye.
 Intezar kar rahi hain na jane kab wakt K
Soe Armaan jaagae .
Intezar kar rahi hain kab hum Milan Ke Geet haaen.
Intzaar kr rhe hAin kab Baharon Ki Kaliyan Muskuraye, gungunae.
Intzaar kr Rahe Hain kab bhaar nya koi Gul Khilae.
Intezar Kar Raha Hai kb banate kaliyon per mandraayen.
ntezaar kar rahe hai kab Unse milehai or Haal e dil sunae

Sunday, 8 January 2017

249 जिस पर लुटाया अपना दिल अपनी जान हमने ।
वही ना हमारा हो सका देखिए ।
अपना समझकर प्यार करते रहे हम जिससे ।
वही ना अपना हो सका देखिए।
 प्यार से जो हमने उन्हें कुछ कह भी दिया,
 बुरा मान गए हमारे मजाक का वह देखिए।
 खुश कर रहे थे हम उनके दिल को,
 दिल हमारा तोड़ चल दिए वह देखिए ।
साथ चले हम उनके की सफर कट जाए उनका आसानी से ।
रास्ते से हमें हटा कर किस तरह चल दिए वह देखिए।
23Nov 1990 249
 Jis Par lutaaya Apna Dil Apni Jaan Hum nay.
Vahi na Hamara Ho Saka dekhiye .
Apna Samajh Kar Pyar Karte Rahe Hum jisise .
Vahi na aapNa Ho Saka dekhiye .
Pyar Se Jo Humne unheni Kuch Keh De Diya .
Bura maan gaye Hamari mazak Ka Wo dekhiye .
Khush kar rahe the Hum unke Dil Ko ,
Dil Hamara tod Chal Diye wo de kiye .
Saath chale hum unke ki Safar kat jae aasaaneen se.
 Raste Se Hame Hata kar Kis Tarah Chal Diye vo dekhiye.



Saturday, 7 January 2017

248 सुबह और शाम (Subha or Shaam)

हर सुबह की एक शाम होती है।
हर शाम की एक सुबह ।
फिर क्यूं तू जिंदगी में,
यूं बैठा है, बुझा बुझा ।
बढ़ा ले कदम अपने,
अपनी मंजिल की तरफ।
मिल जाएगा एक दिन ,
खोया हुआ हक ,तुझे तेरा ।
आसान नहीं है जिंदगी जीना फिर भी ,
तू कर मुकाबला कभी तो वह देगा
 तेरी बुझती जिंदगी का दिया जला।
19Nov 1990 248
Har Subah Ki Ek Shaam Hoti Hai .
Har Sham ki Subah.
 Phir Kyun Tu Zindagi Mein ,
Yun baitha hai buooja bujhaa.
 Bada Le Kadam Apne,
apni Manzil ki taraf .
Mil Jayega Ek Din khoya Hua hq tujhe Tera .
Aasan nahi hai zindagi jee na .
Phir Bhi Tu kar Muqabla .
Kabhi Toh vo Dega Teri buchti Zindagi Ka Diya Jala.

Friday, 6 January 2017

247 आंसू बहा रहे हैं देखिए तुझे याद करके हम।
 सूरत आंखों में बसी है नहीं तो मर जाते कब के हम ।
क्यों दे दिए हैं इस मासूम जिंदगी को तूने यह गम।
सोचा भी नहीं कि बोझ गम का उठा सकेंगे भी या नहीं हम ।
जान ही न चले जाए तुम्हें बिन पाए कहीं है मेरे सनम ।
अगर हुआ ऐसा तो खुदा के पास भी चैन नहीं पाएंगे हम ।
आ जा अब तो नजरों के सामने, तुझे मेरी जान की कसम ।
यूँ मिल गले एक बार की फिर कभी जुदा ना हम।
चाहे लगा ले दुनिया, फिर कितना भी दम।
 यूँ मिल गले एक बार की फिर कभी जुदा ना हम।
247  18Nov 1990
Aansu Baha rahe hain dekhiye tujhe yaad Karke Hum .
Surat Aankhon Mein Basi Hai Nahi To Mar Jaate Kab Ke Hum.
 Kyun De Diye Hai Is Masoom Zindagi Ko TuNe Ye gum.
 socha bhi nahi ki bojh Gam ka Utha Sakenge Bhi ya Nahi Hum.
 Jaan hi na Chali Jaaye Tumhe bin paye kahin e mere sanam.
 agar huwa aisa Toh Khuda Ke Paas bhi chain Nahi Payenge hum.
Aaja Ab Toh Nazaron Ke Samne Tujhe Meri Jaan Ki Kasam.
 Yun mil Gale Ki Phir kabhi juda na hon hum .
Chahe lga le Duniya phir Kitna bhi Dum.
Yun mil Gale Ki Phir kabhi juda na hon hum.

Thursday, 5 January 2017

49 एहसास (Ehsaas ) Feeling

अब होने लगा है एहसास दीवानों के जज़्बात का ।
जब खुद अपने सामने आए हैं ऐसे हालात ।
अब जाना है दिल क्यों जोर से धड़कने लगता है।
 जब होती है जोरों से बरसात।
 अब जाना की नींद क्यों जाती है दीवानों की।
 दिन के बाद जब होने लगती है रात ।
अब जाना की लंबी क्यों होती है तारों भरी रात।
 क्यों गिन गिन के खत्म होते नहीं ,
फिर भी बाकी गिनने रह जाते हैं कई हजार ।
अब जाना गुमसुम क्यों रहते हैं दीवाने ।
पहले लगती थी अनोखी यह बात।
4July 1989. 49
Ehsaas
Ab honey Laga Hai ehisas Deewana ke Jazbaat Ka.
 Jab Khud apne Samne Aaye Hain  Aise haalaat .
Ab Jaana Hai Dil Kyun jor se Dhadakne Lagta Hai .
Jab Hoti Hai zoron se Barsaat .
Ab jana Ki Neend Kyun jaati Hai Deewano ki .
din ke baad jab hone Lagti Hai Raat .
Ab Jana ki lambi kyu Hoti Hai Taaron Bhari Raat .
Kyun Gin Gin Ke Kitne Hote nahi ,
Phir Bhi Baki ginne Reh Jaate Hain kai hzaar.
Ab jana gumsum kyon Rehte Hain Deewane.
Pehle lagti thi anokhi yeh baat..

Wednesday, 4 January 2017

115 लूटा मेरा जहां (Loota Mera Jahan)

मेरे भी आंसुओं को ज़रा देखो हंसने वाले।
 खुशी मेरी देखी ना गई तुझसे ओ जलने वाले ।
हम उनसे प्यार करते रहे और तुमने प्यार छीन लिया।
 जिसे हम चाहते रहे दिलो जान से उसे तूने अपना बना लिया।
लूट ली मेरे दिल की दुनिया तूने,
 मुझे राजा से रंक बना दिया।
 कितनी रंगीन थी मेरी ख्वाबों भरी रातें।
 मेरी रातों को तूने तन्हां बना दिया ।
ओ मेरे प्यार से प्यार करने वाले ।
तूने मेरी हसरतों का जहां जला दिया।
31 Oct 1989. 115
Loota Mera Jahan
 Meri be aasuon ko Zara Dekh o Hasne wale .
Khushi Meri Dekhi Na gyi tujhse o Jalne wale .
Hum Unse Pyar Karte Rahe aur tumne Pyar Cheen liya .
Jise Hum Chahte Rahe Dilo Jaan Se ,
Use Tu ne Apna Bana liya.
 Lut Li Mere Dil Ki Duniya Tu Ne ,
Mujhe Raja Se Runk bana diya .
kitni Rangeen Thi Mere Khabo Bhari Raaten.
Meri Raaton Ko tune Tanha bana diya .
O Mere Pyar Se Pyar Karne Wale .
t une meri hasraton ka jahan Jala Diya.




Tuesday, 3 January 2017

87 दिल की आवाज(Dil ki awaz )

यह आंसू नहीं खून के कतरे हैं ,
जो आंखों से नहीं दिल से उतरे हैं ।
यह मैं नहीं मेरा दिल रोता है ,
ऐसा ही होता है,
जब कोई जान से प्यारी चीज खोता है।
तुम्हें अब मैं क्या कहूं ,
कहने से होगा भी क्या ।
अब तो कुछ नहीं हो सकता ,
हो गया वह जो होना था।
इस दिल के टुकडे हुए हजार,
चाहिए जो हो कोई तुमको ,
तो आ जाना मेरे पास ।
देख जाना अपनी बेवफाई का नतीजा ,
आजकल जमाने में वालों ने शायद यही कुछ सीखा ।
कहां गई वो राधा कहां गई वह सीता ।
जिसे पूजता था मैं ,
लगा कर अपने लहू का टीका।
नजर आती है हर वह देवी ,
मुझे आज पतिता।
4Sept 1989 87
Dil ki awaz
Ye aansun nahi kHoon ke qatre hai ,
jo Aankhon Se Nahi Dil Se Utare Hai .
Ye Main nahe Mera Dil Rota Hai,
 Aisa Hi Hota Hai ,
Jab Koi Jaan Se Pyari cheez khota hai .
tumhe Ab Main Kya Kahoon ,
Kehne Se Hoga Bhi Kya .
Ab To kuch nahi ho sakta .
Ho Gaya Woh Jo Hona Tha .
Is Dil Ke Tukde Hue hazar ,
chahiye Jo Ho Koi Tumko ,
toh Aa Jana mere paas .
dekh Jana Apne Bewafaai Ka ntijha .
 Aaj Kal Zamaane Mein Husn Walo Ne Shayad Yahi Hai seekha .
kahan gayi Woh Radha ,kahan gayi Woh Sita.
 ji se pujhta Tha Main lga kr apne lahu ka teeka.
Nzr aati hai har vo devi mujhe aaj patita

Monday, 2 January 2017

236 तेरी तारीफ़ करने का होंसला नहीं कर पा रहे थे।
  मुश्किल से पास आ पाए हैं तेरे ,
पहचान तो लोगे न ,कौन हैं हम।
 हम हैं तेरे दीवाने,
 तुझसे तो क्या ,
खुद से भी हैं अनजाने।
 यू मुलाकात होगी तुझसे , सोच ना पाए थे कभी हम।
तेरी तलाश में ही शायद यहां तक पहुंचे हैं मेरे ये कदम।
पहचान जो लो, मुझे और मेरे जज्बात को,
 तो झिझकना मत मुझे कहने में अपना सनम।
236
Teri Tarif karne ka Hosla nahi kar pa rahi the.
 Mushkil se Passl Aa paye Hain Tere .
Pehchan Tu Loge Na, Kaun Hai Hum.
 Hum Tere Deewane,
Tujhse to kya,
Khud Se Bhi Hain Anjaane .
Yun Mulakat Hogi Tujhse Soch Na paey they Kabhi Hum .
Teri Talash Mein Hai Shayad Yahan Tak pahunche Hain Mere Ye Kadam .
Pehchaan jolo, mujhe or mere Jazbaat ko,
Tou jijhkna mat mujhe Kehna Mai Apna Sanam.